MARC ANDREESSEN के 3 धमाकेदार दावे: AI कैसे बदलेगा आपकी ज़िंदगी?

क्या आप भी AI को लेकर परेशान हैं? क्या आपको लगता है कि AI आपकी नौकरी छीन लेगा? अगर हाँ, तो Marc Andreessen — जो Web browser के inventor हैं और दुनिया की सबसे बड़ी venture firm के co-founder हैं — उनकी बात सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। Andreessen का मानना है कि AI सिर्फ एक technology नहीं, बल्कि एक 'Philosopher Stone' है जो दुनिया को पूरी तरह बदल देगा। उनका कहना है कि AI का boom अभी शुरू भी नहीं हुआ है, और ये हमारे future के लिए कितना ज़रूरी है, ये हम अभी पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं।

AI है 'Philosopher Stone': रेत से विचार तक का सफ़र

Marc Andreessen AI को एक 'Philosopher Stone' कहते हैं। ये एक ऐसा concept है जहाँ सबसे common चीज़ को सबसे rare चीज़ में बदल दिया जाता है। Andreessen के मुताबिक, पहले के scientist, जैसे Isaac Newton, lead को gold में बदलने की कोशिश करते थे, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। लेकिन AI ने ये कर दिखाया है।

Marc Andreessen का कहना है: "अब हमारे पास एक ऐसी technology है जो दुनिया की सबसे common चीज़, यानी रेत (sand) को दुनिया की सबसे rare चीज़, यानी विचार (thought) में बदल देती है।"

सोचो ज़रा, ये कितनी बड़ी बात है! AI सिर्फ कविताएँ या rap lyrics ही नहीं लिख रहा, बल्कि अब ये reasoning और समस्या-solving में भी कमाल कर रहा है। पिछले 12 महीनों में, खासकर पिछले 3 महीनों में, ये साबित हो गया है कि AI math के नए theorems बना रहा है और coding में भी top programmers से बेहतर काम कर रहा है। World के best programmers भी ये मान रहे हैं कि AI अब उनसे बेहतर code लिख रहा है। इसका मतलब है कि AI किसी भी domain में, जहाँ verifiable answers होते हैं, बहुत तेज़ी से अच्छा होता जाएगा। ये science, medicine और law जैसे कई ज़रूरी domains को पूरी तरह बदल देगा।

AI क्यों है हमारी ज़रूरत? घटती आबादी और धीमी Productivity

Andreessen के मुताबिक, AI ऐसे वक्त में आया है जब हमें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। उनका कहना है कि पिछले 50 सालों से दुनिया में technological change बहुत slow रहा है, और productivity growth भी कम हुई है। हमें लगता है कि बहुत तेज़ी से बदलाव हो रहा है, लेकिन असल में statistical data कुछ और ही बताता है। US में productivity growth 1940-1970 के मुकाबले आधी और 1870-1940 के मुकाबले एक तिहाई रह गई है।

इसके साथ ही, दुनिया एक और बड़ी समस्या का सामना कर रही है – demographic collapse, यानी आबादी का कम होना। कई देशों में, यहाँ तक कि China और US में भी, birth rates कम हो रही हैं, जिससे आने वाले समय में आबादी घटने लगेगी। इसका मतलब है कि काम करने वाले लोग कम होंगे।

तो देखो बात ये है कि हमें economic growth बढ़ाने के लिए productivity growth की ज़रूरत है, और इसके लिए AI ज़रूरी है। साथ ही, जब आबादी कम होगी और लोग काम करने के लिए कम होंगे, तब AI और robots को वो सारे jobs करने होंगे जिनके लिए लोग नहीं होंगे। इसलिए, AI सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि हमारी ज़रूरत है, ताकि हम इन बड़ी global समस्याओं से निपट सकें।

AI से बनेंगे 'Super-Empowered Individuals': Jobs नहीं, Tasks बदलेंगे

AI के आने से jobs जाने की चिंता बहुत से लोगों को है। लेकिन Andreessen का नज़रिया थोड़ा अलग है। उनका मानना है कि हमें job loss के बजाय task loss के बारे में सोचना चाहिए। मतलब ये कि AI कुछ individual tasks को खत्म कर सकता है, लेकिन पूरा job बना रहेगा।

Andreessen कहते हैं कि AI उन लोगों को जो किसी काम में अच्छे हैं, उन्हें बहुत अच्छा बना देगा। और जो लोग पहले से ही बहुत अच्छे हैं, उन्हें spectacularly great बना देगा। जैसे, एक अच्छा coder AI का इस्तेमाल करके 10 गुना ज़्यादा productive हो सकता है।

Product Manager, Engineer और Designer जैसे roles में भी बड़ा बदलाव आएगा। पहले इन roles के बीच एक तरह का 'Mexican standoff' था, जहाँ हर कोई सोचता था कि वो AI की मदद से दूसरे का काम भी कर सकता है। लेकिन Andreessen का कहना है कि ये सब सही हैं। जब आप दो चीज़ों में अच्छे होते हैं, तो आपका additive effect double से ज़्यादा होता है। और अगर आप तीन चीज़ों में अच्छे होते हैं, तो ये triple से ज़्यादा होता है। आप कई domains के combination में एक super relevant specialist बन जाते हैं।

इसलिए, जो लोग अपने career को बेहतर बनाना चाहते हैं, उन्हें हर free hour AI के साथ बिताकर सीखना चाहिए। AI आपको train कर सकता है और आपकी skills को next level पर ले जा सकता है।

बच्चों को कैसे करें AI के लिए तैयार? Marc Andreessen की सलाह

Andreessen खुद अपने 10 साल के बच्चे को homeschool करते हैं और AI के future के लिए तैयार कर रहे हैं। वे 'agency' के concept पर बहुत ध्यान देते हैं। 'Agency' का मतलब है initiative लेना, चीज़ों को खुद करने की इच्छा रखना, और events में primary participant बनना।

समाज में अक्सर बच्चों को नियम follow करना सिखाया जाता है। लेकिन Andreessen का मानना है कि हमें बच्चों को ये सिखाना चाहिए कि वे खुद ज़िम्मेदारी लें, projects lead करें, और कुछ नया बनाएँ। AI एक ऐसे बच्चे के लिए ultimate lever है जिसमें agency है। चाहे वो physics के नए areas develop करना हो, code लिखना हो, artist बनना हो, या novels लिखना हो, AI हर बच्चे को दुनिया में पूरी तरह participate करने और चीज़ों को बदलने की शक्ति देता है।

Andreessen का कहना है कि Silicon Valley के ज़्यादातर लोग अपने बच्चों को computers और AI से दूर नहीं रखते, बल्कि उन्हें इसका पूरा इस्तेमाल करना सिखाते हैं। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे 'Philosopher Stone' (यानी AI) का पूरा फायदा उठाना सीखें। AI और agency का combination एक healthy future बना सकता है, जहाँ हर कोई अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर सके।

आप क्या सोचते हो? क्या आप भी AI को लेकर अब कम परेशान हैं? टिप्पणी में बताओ!

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