SAM ALTMAN के 3 बड़े खुलासे: AI की दुनिया में ये सच्चाई आपको चौंका देगी!
क्या आप भी AI को लेकर परेशान हैं? क्या आपको लगता है कि AI कंपनियां हमें सब कुछ सच बता रही हैं? या कुछ बातें हमसे छुपाई जा रही हैं? Karen Hao, एक जानी-मानी पत्रकार, ने अपनी नई किताब “Empire of AI: Dreams and Nightmares in Sam Altman’s OpenAI” में कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जो आपको हैरान कर देंगे। खास तौर पर Sam Altman और उनकी कंपनी OpenAI को लेकर कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जो AI इंडस्ट्री का असली चेहरा दिखाती हैं। चलिए जानते हैं क्या है ये पूरा मामला और कैसे AI की दुनिया में सब कुछ हमारी सोच से बहुत अलग है।
AI की Empire: क्या सच में ये इंसानों के लिए है?
Karen Hao ने 8 साल से ज़्यादा tech industry को cover किया है और 250 से ज़्यादा लोगों का interview किया है। उनका कहना है कि आज AI industry में जो कुछ भी हो रहा है, वो बहुत inhumane है। ये companies artists, writers और creators की intellectual property का इस्तेमाल करती हैं, ताकि अपने models को train कर सकें। असल में, ये बिना किसी permission के ऐसा करती हैं।
बहुत सारे labor का exploitation होता है। लोग अपनी jobs से निकाले जाते हैं और फिर उन्हीं AI models को train करने के लिए काम करते हैं, जिनकी वजह से उनकी job गई थी। ये career ladder को पूरी तरह से तोड़ रहा है। जब ये कंपनियां नई jobs बनाने की बात करती हैं, तो असल में जो jobs बनती हैं, वो पहले से भी खराब होती हैं।
इसके अलावा, AI एक बड़ा environmental और public health crisis भी पैदा कर रहा है। ये कंपनियां legislation को रोकने के लिए लाखों करोड़ों dollars खर्च करती हैं, ताकि उनके रास्ते में कोई रुकावट न आए। साथ ही, ये उन researchers को censor करती हैं, जिनकी बातें इनके empire के agenda के खिलाफ होती हैं। Karen कहती हैं कि इन technologies में utility है, लेकिन इनका production अभी लोगों को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। लेकिन research बताती है कि AI को अलग तरीके से भी develop किया जा सकता है, बिना इन unintended consequences के।
AGI का मतलब: Sam Altman इसे कैसे बदलता है?
AI field की शुरुआत 1956 में Dartmouth University में हुई थी। यहीं पर एक assistant professor, John McCarthy ने इस discipline को “Artificial Intelligence” नाम दिया था। एक दिलचस्प बात ये है कि इंसानी intelligence की कोई वैज्ञानिक definition नहीं है। इतिहास में जब भी इंसानी intelligence को quantify करने की कोशिश हुई है, उसके पीछे गलत motives रहे हैं।
ये AI companies “Artificial General Intelligence” (AGI) शब्द का इस्तेमाल अपनी convenience के हिसाब से करती हैं। Sam Altman ने AGI को कई बार define और redefine किया है। जब वो Congress से बात करते हैं, तो AGI वो system है जो cancer ठीक करेगा, climate change हल करेगा और गरीबी खत्म करेगा। Consumers के लिए, ये सबसे amazing digital assistant है। Microsoft के साथ deal में, ये 100 billion dollars revenue generate करने वाला system था। OpenAI की website पर, ये highly autonomous systems हैं जो most economically valuable work में इंसानों से बेहतर perform करते हैं।
ये एक technology का coherent vision नहीं है। दरअसल, ये अलग-अलग definitions हैं, जिनका इस्तेमाल regulation से बचने या ज़्यादा capital जुटाने के लिए किया जाता है। ये साफ़ दिखाता है कि AGI का मतलब उनके लिए वही है, जो उन्हें उस वक्त सूट करता है।
Elon Musk को कैसे फंसाया: Sam Altman का manipulative चेहरा
2015 में Sam Altman ने एक blog post में लिखा था कि superhuman machine intelligence इंसानियत के लिए सबसे बड़ा खतरा है। लेकिन असल में, वो Elon Musk को OpenAI co-found करने के लिए convince कर रहे थे। Musk उस वक्त AI को एक existential threat मानते थे और उसके बारे में alarm बजा रहे थे। Altman ने Musk की भाषा को mirror किया ताकि Musk उन पर भरोसा करें और उनके साथ काम करें।
बाद में, Musk को OpenAI से “muscled out” कर दिया गया। Musk को आज भी लगता है कि Altman ने उन्हें manipulate किया था। Lawsuit के documents से पता चला कि Ilya Sutskever (जो OpenAI के chief scientist थे) और Greg Brockman (chief technology officer) ने पहले Musk को CEO चुना था। लेकिन Altman ने Greg Brockman को convince किया कि Musk को CEO बनाना खतरनाक होगा, क्योंकि वो unpredictable हैं और उनके बहुत सारे दबाव हैं। Greg ने Ilya को convince किया, और फिर उन्होंने Altman को CEO चुना। इसी वजह से Musk ने company छोड़ दी।
Sam Altman एक बहुत ही controversial figure हैं। लोग या तो उन्हें इस generation का सबसे महान tech leader मानते हैं या फिर manipulative और liar। Dario Amodei (जो Anthropic के CEO हैं) और Ilya Sutskever जैसे लोग भी Altman से manipulated feel करते थे। Dario ने 2017 में AGI से इंसानी civilization के लिए 10-25% catastrophic जोखिम बताया था। Ilya Sutskever ने भी 2019 में कहा था कि AI इंसानों के लिए अच्छा हो, ये ज़रूरी नहीं। उन्होंने इंसानों और जानवरों के रिश्ते से इसकी तुलना की थी, जहां इंसान जानवरों की परवाह करते हैं, लेकिन अपनी ज़रूरतों के लिए उन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
AI का असली मकसद: क्या हमें इंसानों को duplicate करना चाहिए?
Ilya Sutskever और उनके mentor Geoffrey Hinton की hypothesis है कि हमारा brain giant statistical models हैं। इसी hypothesis के आधार पर वे बड़े-बड़े statistical models बना रहे हैं। उनकी सोच ये है कि ये models इंसानी intelligence के बराबर या उससे ज़्यादा intelligent हो जाएंगे। लेकिन ये एक scientific hypothesis है, proven science नहीं। असल में, बहुत से लोग इस बात से disagree करते हैं।
Karen सवाल करती हैं कि हम AI systems क्यों बना रहे हैं जो इंसानों को duplicate करें? Technology का मकसद हमेशा इंसानी flourishing को improve करना रहा है, न कि लोगों को replace करना। हम AI को drug discovery को accelerate करने या healthcare नतीजा को improve करने जैसे कामों के लिए क्यों नहीं बना रहे हैं? ये ऐसे systems हैं जिनका इंसानी brain को duplicate करने वाले statistical engines से कोई लेना-देना नहीं है। Karen का मानना है कि ये companies और scientists एक गलत goal के पीछे भाग रहे हैं, जिसके लिए वे enormous capital और resources का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये एक अहम सवाल है कि क्या ये सही goal है?
आप क्या सोचते हो? क्या AI कंपनियों का मकसद सही है? टिप्पणी में बताओ!
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