JENSEN HUANG के 3 चौंकाने वाले दावे: AI नौकरी छीनेगा नहीं, बल्कि देगा!

क्या आपको भी डर लगता है कि AI आपकी नौकरी छीन लेगा? हर तरफ यही चर्चा है कि Artificial Intelligence की वजह से लाखों नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन Nvidia के CEO, Jensen Huang, जिनकी कंपनी AI की दुनिया में सबसे आगे है, कुछ और ही मानते हैं। उनका कहना है कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि और ज़्यादा पैदा करेगा। हैरान हो गए ना? चलिए जानते हैं उनके 3 बड़े दावे जो आपकी सोच बदल सकते हैं।

Jensen Huang के 3 चौंकाने वाले दावे: AI नौकरी छीनेगा नहीं, बल्कि देगा!

1. AI काम को आसान बनाता है, नौकरी को खत्म नहीं करता

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर AI हमारा काम करने लगेगा, तो हम क्या करेंगे? Jensen Huang इसका जवाब एक बहुत ही आसान उदाहरण से देते हैं।

आज से 10 साल पहले, सब लोग ये मान रहे थे कि AI सबसे पहले Radiologists की नौकरी खत्म करेगा। वजह ये थी कि AI की computer vision technology इंसानों से बेहतर तरीके से medical scans को पढ़ सकती थी। लेकिन असल में हुआ क्या? आज 10 साल बाद, Radiologists की संख्या पहले से ज़्यादा बढ़ गई है।

ऐसा क्यों हुआ? देखो बात ये है कि एक Radiologist का असली मकसद बीमारी का पता लगाना और मरीज़ की मदद करना है, सिर्फ scan देखना नहीं। AI ने scan देखने का काम आसान और तेज़ कर दिया, जिससे Radiologists अब मरीज़ों के साथ ज़्यादा वक्त बिता पाते हैं और बेहतर इलाज कर पाते हैं। इसकी वजह से hospitals ज़्यादा मरीज़ों को देख पा रहे हैं, उनकी कमाई बढ़ी है और उन्होंने और ज़्यादा Radiologists को नौकरी पर रखा है।

Jensen Huang का कहना है: "किसी भी नौकरी के मकसद और उसके काम को समझना ज़रूरी है। AI काम को automate करता है, मकसद को नहीं।"

यही कहानी nurses के साथ भी हो रही है। AI अब charting और documentation का काम संभाल रहा है, जिसमें nurses का आधा वक्त चला जाता था। अब वो मरीज़ों की देखभाल पर ज़्यादा ध्यान दे पा रही हैं, जिससे hospitals की productivity बढ़ी है और ज़्यादा nurses की ज़रूरत पड़ रही है।

2. इतिहास का सबसे बड़ा Infrastructure Buildout शुरू हो चुका है

AI सिर्फ एक software नहीं है, ये एक पूरी नई दुनिया बना रहा है। और इस दुनिया को चलाने के लिए ज़बरदस्त infrastructure की ज़रूरत है। Jensen Huang इसे 'इंसानी इतिहास का सबसे बड़ा infrastructure buildout' कहते हैं। ज़रा सोचो, इसके लिए कितने लोगों की ज़रूरत पड़ेगी।

AI को चलाने के लिए 5 ज़रूरी चीज़ें हैं:

इस पूरे infrastructure को बनाने के लिए लाखों jobs पैदा हो रही हैं। और ये jobs सिर्फ computer science PhD वालों के लिए नहीं हैं। इसके लिए plumbers, electricians, construction workers, और network technicians की भारी मांग है। अमेरिका में तो इन jobs की salary दोगुनी होकर 'six-figure' तक पहुंच गई है। मतलब ये कि AI की वजह से हर तरह के हुनर वाले लोगों के लिए मौके बन रहे हैं।

3. हर देश बनाएगा अपना खुद का AI

अभी तक लगता था कि AI पर सिर्फ अमेरिका और चीन की बड़ी tech companies का कब्ज़ा होगा। लेकिन Jensen Huang का मानना है कि ये सोच गलत है। उनका कहना है कि हर देश को अपना AI infrastructure बनाना चाहिए।

इसकी सबसे बड़ी वजह है open models का आना। अब AI model बनाने की technology कुछ कंपनियों तक सीमित नहीं है। कोई भी देश अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और अपने डेटा का इस्तेमाल करके अपना खुद का AI बना सकता है। ये एक बहुत बड़ी बात है।

सोचो ज़रा, भारत के पास अपना इतना सारा डेटा है। हम अपनी ज़रूरतों के हिसाब से AI बना सकते हैं जो हमारी समस्याओं का हल निकाले।

सबसे अच्छी बात ये है कि AI को इस्तेमाल करना बहुत आसान है। ये इतिहास का सबसे आसान software है। इसे चलाने के लिए आपको coding सीखने की ज़रूरत नहीं है। आप AI से बात करके उससे अपना काम करवा सकते हैं। अगर आपको कोई website बनानी है, तो आप AI को बोल सकते हैं और वो आपके लिए code लिख देगा।

इसकी वजह से 'technology divide' यानी तकनीक का फासला कम होगा। जिन लोगों के पास computer science की degree नहीं है, वो भी अब programmer बन सकते हैं। ये विकासशील देशों के लिए एक सुनहरा मौका है।

तो अगली बार जब कोई कहे कि AI से डरना चाहिए, तो उन्हें Jensen Huang की ये बातें ज़रूर बताना। AI एक साधन है, जो हमारी productivity बढ़ाएगा और नई तरह की jobs पैदा करेगा। ज़रूरत है तो बस इसे सीखने और सही तरीके से इस्तेमाल करने की।

आप क्या सोचते हैं? क्या Jensen Huang की बातें सही लगती हैं? टिप्पणी में बताओ!

🎧 Jensen Huang का full interview सुनने के लिए ऊपर Play button दबाओ!

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