AI के 2 बड़े CEOS की 3 चौंकाने वाली भविष्यवाणियां: क्या आपकी नौकरी खतरे में है?

क्या आप भी AI को लेकर परेशान हैं? क्या आपको भी डर लगता है कि कहीं AI आपकी नौकरी न छीन ले? अगर हाँ, तो ज़रा रुकिए। AI की दुनिया के दो सबसे बड़े नाम — Demis Hassabis (Google DeepMind के हेड) और Dario Amodei (Anthropic के CEO) — ने कुछ ऐसी बातें कही हैं जो आपको हैरान कर देंगी। उनकी बातचीत से 3 ऐसी बड़ी चेतावनियां सामने आई हैं जो हमारे भविष्य को पूरी तरह बदल सकती हैं। चलिए जानते हैं कि ये experts क्या कह रहे हैं और इसका हम पर क्या असर होगा।

AGI कब आ रहा है? Timeline पर बड़ी बहस

सबसे पहला और बड़ा सवाल यही है कि AGI (Artificial General Intelligence) — यानी इंसानों जैसा या उससे भी ज़्यादा smart AI — आखिर कब तक आएगा? इस पर दोनों experts की राय थोड़ी अलग है, लेकिन दोनों की बातें चिंता बढ़ाने वाली हैं।

Dario Amodei का मानना है कि हम AGI के बहुत करीब हैं। उनके मुताबिक, 2026 या 2027 तक हमारे पास ऐसे AI models होंगे जो किसी भी field में Nobel पुरस्कार विजेता जितने काबिल होंगे। आपको ये बात मज़ाक लग रही होगी, लेकिन Dario इसके पीछे एक ठोस वजह बताते हैं। उनका कहना है कि AI models अब खुद ही coding और AI research में इतने अच्छे हो गए हैं कि वो अगली generation के AI को बनाने की प्रक्रिया को तेज़ कर रहे हैं। ये एक self-improvement loop है, मतलब AI खुद को और बेहतर बना रहा है, और ये रफ़्तार लगातार बढ़ रही है। Dario कहते हैं कि उनकी company Anthropic में कई engineers अब खुद code नहीं लिखते, बल्कि AI model से लिखवाते हैं और बस उसे edit करते हैं।

दूसरी तरफ, Google DeepMind के Demis Hassabis थोड़े ज़्यादा सावधान हैं। उनका कहना है कि इस दशक के अंत तक AGI आने का 50% chance है। वो मानते हैं कि coding और mathematics जैसे fields को automate करना आसान है क्योंकि उनके नतीजों को जांचना आसान होता है। लेकिन natural science जैसे मुश्किल subjects में ऐसा नहीं है। वहां AI कोई नई खोज करे तो उसे परखने के लिए असली दुनिया में experiment करने पड़ते हैं, जिसमें वक्त लगता है। Demis एक और ज़रूरी बात उठाते हैं — AI अभी सिर्फ दिए गए सवालों के जवाब ढूंढ सकता है, लेकिन खुद से नए सवाल पूछना या नई theory बनाना, जो असली वैज्ञानिक रचनात्मकता है, वो अभी भी बहुत दूर है।

सबसे बड़ा डर: क्या AI हमारी नौकरियां छीन लेगा?

अब आते हैं उस सवाल पर जो हम सबको परेशान करता है — नौकरियां। इस पर Dario Amodei की चेतावनी सीधी और डराने वाली है। उनका कहना है कि अगले 1 से 5 सालों में entry-level white-collar jobs (ऑफिस वाली नौकरियां) में से आधी खत्म हो सकती हैं। हाँ, आपने सही पढ़ा, आधी नौकरियां!

उनका तर्क ये है कि AI की तरक्की इतनी तेज़ है कि हमारी job market उसके हिसाब से खुद को बदल नहीं पाएगी। पहले जब खेती में automation आया, तो लोग factory में काम करने लगे। फिर वहां से knowledge worker बने। लेकिन इस बार बदलाव की रफ़्तार इतनी ज़्यादा होगी कि लोगों को नई skills सीखने और नई jobs ढूंढने का मौका ही नहीं मिलेगा। वो कहते हैं कि Anthropic के अंदर ही उन्हें दिख रहा है कि भविष्य में junior level पर कम लोगों की ज़रूरत पड़ेगी।

Demis Hassabis इस मामले में थोड़ी राहत देते हैं, लेकिन सिर्फ कुछ समय के लिए। उनका मानना है कि अगले 5 सालों में कुछ नौकरियां जाएंगी, लेकिन उनकी जगह नई और शायद ज़्यादा अच्छी नौकरियां पैदा भी होंगी। वो आज के युवाओं को सलाह देते हैं कि वो इन AI साधन को इस्तेमाल करने में expert बन जाएं।

Demis का कहना है: "अगर मैं आज college के छात्रों से बात करूं, तो मैं उन्हें कहूंगा कि इन AI साधन में अविश्वसनीय रूप से कुशल बन जाओ।" उनका मानना है कि इन साधन की मदद से युवा वो काम कर सकते हैं जो पहले एक traditional internship से भी नहीं सीख पाते। लेकिन, Demis ये भी मानते हैं कि AGI आने के बाद क्या होगा, ये कोई नहीं जानता। वो कहते हैं कि उस वक्त हम सब एक 'uncharted territory' यानी अनजान दुनिया में होंगे।

नौकरी से भी बड़ा सवाल: क्या इंसान खुद को खत्म कर लेगा?

Dario Amodei ने एक और बहुत गहरी और डरावनी बात कही है। वो मानते हैं कि AI का विकास इंसानियत के लिए एक 'technological adolescence' जैसा है — यानी वो तूफानी दौर जिससे अगर हम सही सलामत निकल गए तो भविष्य सुनहरा है, वरना हम खुद को तबाह कर सकते हैं।

उन्होंने अपनी पसंदीदा फिल्म 'Contact' का एक उदाहरण दिया। फिल्म में जब इंसान एलियंस से मिलते हैं, तो उनसे एक सवाल पूछा जाता है।

Dario बताते हैं: "एक किरदार एलियंस से पूछता है, 'आपने ये कैसे किया? आपने इस तकनीकी तूफ़ान को बिना खुद को खत्म किए कैसे पार किया?' ये सवाल मेरे दिमाग में 20 सालों से अटका हुआ है।"

उनके मुताबिक, हमारे सामने भी यही सवाल है। वो कुछ बड़े खतरों की बात करते हैं:

Demis भी इस बात से सहमत हैं। वो कहते हैं कि AGI के बाद पैसे और नौकरी की समस्या शायद हल हो जाए, लेकिन उससे भी बड़े सवाल खड़े होंगे — हमारे जीवन का मतलब क्या होगा? हमारा मकसद क्या होगा? ये वो सवाल हैं जो उन्हें रात में जगाए रखते हैं।

तो इसका हल क्या है?

तो क्या सब कुछ खत्म हो जाएगा? नहीं, ये experts समाधान की भी बात करते हैं। Demis का मानना है कि AI industry को सिर्फ़ पैसा कमाने पर नहीं, बल्कि AlphaFold जैसे projects पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए, जो बीमारियां ठीक करने और नई energy source खोजने जैसे काम करें। ऐसे काम जिनसे पूरी दुनिया का भला हो।

दोनों experts इस बात पर ज़ोर देते हैं कि दुनिया के सभी देशों को मिलकर AI के लिए minimum safety standards बनाने होंगे। ये technology किसी एक देश की नहीं है, ये पूरी इंसानियत पर असर डालेगी। हालांकि, अमेरिका और चीन के बीच चल रही competition को देखते हुए ऐसा होना बहुत मुश्किल लगता है।

बात ये है कि AI एक ऐसी ताकत है जो या तो हमें सितारों तक पहुंचा सकती है या फिर हमें बर्बाद कर सकती है। और फैसला अगले कुछ सालों में ही होना है।

आप क्या सोचते हो? क्या आप AI को लेकर उत्साहित हैं या डरे हुए? टिप्पणी में बताओ!

🎧 Demis Hassabis और Dario Amodei का full interview सुनने के लिए ऊपर Play button दबाओ!

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