ALEX KARP के 3 चौंकाने वाले दावे: AI से जाएंगी WHITE-COLLAR JOBS, बचेगा कौन?

क्या आप भी AI को लेकर परेशान हैं कि कहीं ये आपकी नौकरी न खा जाए? ज़रा सोचिए, अगर कोई कहे कि University की degree से ज़्यादा कीमत अब high-school के बाद ली गई vocational training की होगी? ये बात Palantir के CEO, Alex Karp ने कही है। Palantir वो company है जो अमेरिकी सेना के लिए AI बनाती है। उनका कहना है कि AI को लेकर हम सब गलत सोच रहे हैं। चलिए जानते हैं उनके 3 चौंकाने वाले दावे जो आपका नज़रिया पूरी तरह से बदल देंगे।

Alex Karp के 3 चौंकाने वाले दावे: AI से जाएंगी White-Collar Jobs, बचेगा कौन?

AI असल में सीखता कहाँ से है? जवाब है - जंग के मैदान से!

सबसे पहले ये समझना ज़रूरी है कि सबसे अच्छा AI बनता कहाँ है। Alex Karp के मुताबिक, सबसे मज़बूत और असरदार AI जंग के मैदान जैसे मुश्किल हालात में तैयार होता है, न कि किसी आरामदायक ऑफिस में। उन्होंने Ukraine का उदाहरण दिया। जंग में हालात बहुत खराब होते हैं, network नहीं होता, जानकारी अधूरी होती है और हर पल खतरा बना रहता है।

ऐसे माहौल में काम करने वाला AI software असल में 'battle-tested' होता है। उसे सीखना पड़ता है कि कम से कम data में सही फैसला कैसे लिया जाए। उसे ये भी समझना पड़ता है कि दुश्मन को गलत जानकारी कैसे दी जाए और अपनी सेना को सटीक निशाना लगाने में कैसे मदद की जाए।

Karp का कहना है कि यही सबसे बड़ा फर्क है। जब कोई technology इतने मुश्किल हालात में काम कर सकती है, तो आम business की समस्याओं को हल करना उसके लिए बहुत आसान हो जाता है। ये ठीक वैसा ही है जैसे किसी कमांडो को ट्रैफिक कण्ट्रोल करने के लिए कहा जाए। वो काम वो बहुत आसानी से कर लेगा क्योंकि उसने उससे कहीं ज़्यादा मुश्किल हालात देखे हैं।

Companies AI में Fail क्यों हो रही हैं? ये है सबसे बड़ी गलती!

आजकल हर company AI अपनाना चाहती है, लेकिन ज़्यादातर fail हो रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बताते हुए Alex Karp कहते हैं कि लोग बस बाज़ार से कोई भी LLM (Large Language Model) खरीदकर अपने system में लगा देते हैं और सोचते हैं कि जादू हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं होता।

Karp के मुताबिक, ये सबसे बड़ी गलती है। असल में, AI model सिर्फ एक इंजन है। उसे चलाने के लिए एक मज़बूत गाड़ी और साफ़-सुथरे ईंधन की ज़रूरत होती है। यहाँ गाड़ी का मतलब है आपकी company का पूरा data infrastructure, जिसे Palantir 'Ontology' कहता है। इसका मतलब है कि AI को इस्तेमाल करने से पहले company को अपने सारे data को एक जगह, एक structure में लाना पड़ता है।

ज़रा सोचो, अगर आपके पास बिखरा हुआ data है - कुछ Excel sheet में, कुछ emails में, कुछ पुराने software में - तो AI परेशान हो जाएगा। उसे समझ ही नहीं आएगा कि कौन सी जानकारी सही है और कौन सी गलत। Palantir का software पहले इसी बिखरे हुए data को सँभालता है, उसे एक मतलब देता है और फिर उसके ऊपर AI model काम करता है। यही वजह है कि उनका बनाया system जंग के मैदान से लेकर बड़े-बड़े hospitals तक में काम कर रहा है, जबकि दूसरी companies अभी भी संघर्ष कर रही हैं।

किसकी नौकरी जाएगी और किसकी बचेगी? जवाब आपको हैरान कर देगा

अब आते हैं सबसे ज़रूरी सवाल पर। AI किसकी नौकरी लेगा? Alex Karp का जवाब सुनकर शायद आपको हैरानी हो। उनका मानना है कि जिन लोगों ने University जाकर philosophy जैसी degree ली है, उनके लिए मुश्किल होने वाली है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए मज़ाक में कहा कि ऐसी degree के साथ पहली नौकरी मिलना ही मुश्किल था।

लेकिन, जिन लोगों के पास vocational training है, जैसे कोई technician या machine चलाने वाला, उनकी कीमत बढ़ने वाली है।

Alex Karp का कहना है: "AI की मदद से हम एक high-school पास technician को वो काम सिखा सकते हैं जो पहले सिर्फ Japan के highly-skilled engineers कर पाते थे। वो इंसान अब company के लिए बहुत ज़रूरी और कीमती बन गया है।"

उन्होंने अमेरिकी सेना का एक और उदाहरण दिया। सेना में उनका सबसे ज़रूरी AI targeting system एक पूर्व पुलिस अफसर चलाता है, जिसने सिर्फ junior college तक पढ़ाई की है। आज वो अफसर पूरी दुनिया में सबसे मुश्किल targeting के फैसले ले रहा है और उसकी जगह कोई नहीं ले सकता। AI ने उसकी छुपी हुई काबिलीयत को बाहर निकाला, जो शायद पारंपरिक university system कभी नहीं निकाल पाता।

मतलब साफ़ है - भविष्य में आपकी degree से ज़्यादा आपके practical skills की कीमत होगी। AI ऐसे लोगों को और भी ज़्यादा ताकतवर बना देगा जिनके पास ज़मीनी स्तर पर काम करने का हुनर है।

Business में AI का असली धमाका: 80% Cost Cut, सिर्फ 1 हफ़्ते में!

AI का असर सिर्फ नौकरियों पर नहीं, बल्कि business चलाने के तरीके पर भी हो रहा है। Karp ने एक धमाकेदार दावा किया कि Palantir का AI system किसी भी business के खर्चे को 80% तक कम कर सकता है और साथ ही उसकी कमाई को भी बढ़ा सकता है।

और सबसे हैरान करने वाली बात? जो काम करने में पहले एक साल लगता था, अब वो सिर्फ एक हफ्ते में हो सकता है।

ये कैसे मुमकिन है? इसका जवाब भी वही है - data को सही तरीके से organize करना। जब एक hospital अपने मरीज़ों के आने की प्रक्रिया को AI से manage करता है, तो वो 10 से 15 गुना तेज़ी से काम कर पाता है। इससे मरीज़ों की जान बचती है, doctors और nurses का तनाव कम होता है और hospital का खर्चा भी कम होता है।

पहले किसी company में इतना बड़ा बदलाव लाने के लिए उसे private लेना पड़ता था और बहुत सारे लोगों को निकालना पड़ता था। लेकिन अब AI की मदद से वही काम बिना किसी बड़ी उथल-पुथल के किया जा सकता है, और इसमें बीच के managers की नहीं, बल्कि असल काम करने वाले workers की अहमियत बढ़ जाती है।

तो बात ये है कि AI कोई खिलौना नहीं है। ये एक बहुत शक्तिशाली साधन है जो जंग के मैदान से निकलकर अब हमारे ऑफिस और फैक्ट्रियों में आ चुका है। जो इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना सीखेगा, वही भविष्य में आगे बढ़ेगा - चाहे वो एक देश हो, एक company हो, या आप और हम जैसे आम लोग।

आप क्या सोचते हो? टिप्पणी में बताओ!

🎧 Alex Karp का full interview सुनने के लिए ऊपर Play button दबाओ!

अगर ये जानकारी अच्छी लगी तो साझा करो ज़रूर करो।

Project ke baare mein

Jhakkas aapke liye laata hai India ke sabse interesting tech interviews podcast format mein. Technology, startups aur innovations ki latest updates yahan milegi.